RBI Update- PayTM Payments Bank के बाद एक और Bank का Licence रद्द।
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: भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank Of
India- RBI) देश के बैंकिंग सेक्टर की नियामक संस्था है,
और देश के बैंकिंग सेक्टर को सभी खतरों से बचाकर रखने के
लिए समय- समय पर बड़ी कार्यवाही करता रहता है. अभी कुछ दिन पहले 24 अप्रैल 2026 को Paytm Payments Bank Limited (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था.
इसकी प्रमुख वजह Paytm Payments Bank
Limited (PPBL) द्वारा बार-बार
बैंकिंग नियमों के उल्लंघन और गंभीर तकनीकी व प्रशासनिक खामियों को बताया गया था.
अब 12 मई 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) ने एक और बैंक मुंबई स्थित सर्वोदय
को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited)
का बैंक लाइसेंस निरस्त कर दिया है. जिसके बाद सर्वोदय को-ऑपरेटिव
बैंक लिमिटेड (Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited) को अपनी समस्त बैंकिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करना होगा।
इसमें नई जमा स्वीकार करना, निकासी प्रक्रिया करना और नियमित बैंकिंग लेनदेन सभी कामों
पर 12 मई, 2026 के व्यवसाय समाप्ति के बाद तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी
गयी है.
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve
Bank Of India- RBI) ने क्यों की यह कार्यवाही।
मंगलवार 12 मई,2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) ने मुंबई स्थित सर्वोदय को-ऑपरेटिव
बैंक लिमिटेड (Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited) का लाइसेंस निरस्त करते हुए यह बताया की मुंबई स्थित सर्वोदय को-ऑपरेटिव
बैंक लिमिटेड (Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited) के पास पर्याप्त कैपिटल और कमाई की कम संभावनाओं के कारण बैंक का लाइसेंस
तत्काल प्रभाव से रद्द किया किया जा रहा है. जिसके बाद मुंबई स्थित सर्वोदय
को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited) को 12 मई 2026 के व्यवसाय समाप्ति के बाद कारोबार की अनुमति नहीं होगी।
अब बैंक न तो नए ग्राहकों को जोड़ पाएगा और न ही पुराने ग्राहकों को कोई बैंकिंग
सुविधा प्रदान कर पायेगा।
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ग्राहकों के पैसों का क्या होगा?
जब भी भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) किसी भी बैंक पर कार्यवाही करता है,
तो उसके ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल आता है की उनके
पैसे का क्या होगा। तो आपको बता दें फ़िलहाल के लिए सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
(Sarvodaya commercial co-operative Bank Limited) के ग्राहक बैंक से कोई भी पैसा नहीं निकाल पाएंगे। अगर आपके बैंक खाते में
5 लाख रूपये तक हैं तो आपको फ़िक्र करने की कोई आवश्यकता नहीं
है,
आपके पुरे पैसे सुरक्षित हैं. लेकिन अगर आपके बैंक खाते में
5 लाख से अधिक धनराशि जमा है तो आपके लिए चिंता की बात है.
और आपको आर्थिक रूप से नुकसान होने वाला है.
DICGC
देता है 5 लाख रूपये तक की सुरक्षा
जब भी आप किसी भी बैंक में अपना बैंक ख़ाता खोलते हैं,
तत्काल ही आपको Deposit Insurance and
Credit Guarantee Corporation (DICGC) की तरफ से 5 लाख
रूपये तक की बीमा सुरक्षा मिल जाती है. अगर बैंक डूब जाता है,
या भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) द्वारा बैंक का लाइसेंस निरस्त कर
दिया जाता है तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के Deposit Insurance
and Credit Guarantee Corporation (DICGC) से 5 लाख रूपये तक का दावा कर सकते हैं. उदाहरण से ऐसे समझते
हैं.
Example 1- पहला ग्राहक राम जो की
XYZ
Bank का ग्राहक है,
और राम ने अपने खाते में 5 लाख रुपये जमा कर रखें हैं, इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) द्वारा XYZ
Bank का Banking Licence निरस्त कर दिया जाता है, तो राम को Deposit Insurance and
Credit Guarantee Corporation (DICGC) की तरफ से पुरे 5 लाख रूपये प्राप्त हो जाएंगे।
Example 2- दूसरा ग्राहक श्याम जो
भी XYZ Bank का ही ग्राहक है, लेकिन श्याम के खाते में 12 लाख रूपये की धनराशि जमा है, और इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) द्वारा XYZ
Bank का Banking Licence निरस्त कर दिया जाता है, तो श्याम को भी Deposit Insurance and
Credit Guarantee Corporation (DICGC) की तरफ से सिर्फ 5 लाख रूपये ही प्राप्त होंगे। यानि श्याम के 7 लाख रूपये दुब जाएंगे। और वो उसे कभी वापस नहीं मिलेंगे।
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क्या होता है, DICGC?
Deposit
Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve
Bank Of India- RBI) के 100% स्वामित्व वाली एक सहायक संस्था है,
जो ग्राहकों के बैंको में जमा पैसे को सुरक्षा (बीमा)
प्रदान करती है. अगर कोई बैंक डूब जाता है, और भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank Of India- RBI) द्वारा उसका लाइसेंस निरस्त कर
दिया जाता है तो Deposit Insurance and Credit Guarantee
Corporation (DICGC) उस बैंक के
प्रत्येक ग्राहक को रूपये 5 लाख (मूलधन और ब्याज सहित) की गारंटी प्रदान करता है. यह गारंटी बचत,
फिक्स, RD और चालू खाते (Savings, Fixed,
Recurring, Current Accounts) सभी
प्रकार के खातों में जमा धनराशि के लिए होती है. यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है
की यह गारंटी एक ग्राहक- 5 लाख के अनुसार होती है.
Example- मुकेश जो की XYZ
Bank का ग्राहक है,
मुकेश के XYZ Bank में Savings, Fixed, Recurring, Current कुल 4 खातें हैं, मुकेश ने Savings Account में 3 लाख,
Fixed Account में 6
लाख, Recurring Account (RD) में 1 लाख और Current Account में 1.5 लाख रूपये जमा किये हुए हैं. इस प्रकार मुकेश के XYZ
Bank में कुल 11.5
लाख रूपये जमा हैं, और इसी बीच भारतीय
रिजर्व (Reserve Bank Of India- RBI) बैंक द्वारा XYZ
Bank का Banking Licence निरस्त कर दिया जाता है, तो मुकेश Deposit Insurance and Credit
Guarantee Corporation (DICGC) के तरफ से सिर्फ 5 लाख रूपए की ही गारंटी प्राप्त होगी। मुकेश के बचे हुए 6.5
लाख डूब जाएंगे।
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